WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

अपनी बस-सूत्र सेवा योजना 2024 आवेदन करके फ्री में घूमें पूरा एमपी

एमपी की अपनी बस सूत्र सेवा का उद्देश्य मध्य प्रदेश में परिवहन की सुविधा को आगे बढ़ाना है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की होने वाली समस्या को बिल्कुल पूरी तरीके से खत्म करना है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में किसी भी तरह की समस्या नहीं जाना चाहिए अपनी बस सूत्र सेवा योजना के तहत एमपी में एक बेहतर सुविधा होना चाहिए । मध्य प्रदेश में 50 से ऊपर जिले हैं जो काफी दूर-दूर तक पड़ते हैं लेकिन इन सभी जिलों के लिए इस योजना का उद्देश्य रखा गया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सीधे भोपाल तक जुड़ जाए।

अपनी बस सूत्र सेवा के योजना की शुरुआत–

इस योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा की गई थी 23 जून 2018 को जब इस योजना का शुभारंभ किया गया तब से ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुरक्षा बड़ी और यातायात की सुविधा को बढ़ाने के लिए इस योजना के लिए काम शुरू हो गया। इस योजना की शुरुआत सबसे पहले मात्र गिने-चुने शहरों में की गई लेकिन अब धीरे-धीरे इसका पैमाना बढ़ता जा रहा है और हर शहर में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

मध्य प्रदेश बस सूत्र सेवा योजना की प्रमुख बातें–

  1. एमपी की बस सूत्र सेवा योजना की शुरुआत होते ही इसके कई चरण लागू किए गए और धीरे-धीरे यह पहले बहुत कम शहरों में शुरू हुआ और अब आगे चलकर सभी शहरों में शुरू हो जाएगा।
  2. वर्तमान समय को देखते हुए कई बार बसों में ऐसे कांड हो जाते हैं जिनके बारे में कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती तो इसके लिए सरकार का सबसे पहला प्रयास यह रहा है कि बसों में कैमरे की व्यवस्था की जाए करने वाली सभी बसों में कैमरे की व्यवस्था हो चुकी है ओरिजिन में नहीं हुआ है उनमें हो रही है।
  3. इस योजना के लागू होने के बाद यदि किसी व्यक्ति को बस के यात्रा के दौरान कोई परेशान करता है तो उसकी शिकायत आप सामूहिक रूप से किसी के पास भी कर सकते हैं।
  4. इस योजना के लागू होने के बाद बसों में पैनिक बटन का इस्तेमाल किया जाने लगा और महिलाओं की सुरक्षा हेतु इस बटन का इस्तेमाल होता है जब महिलाओं को कोई तकलीफ होती है या फिर उनको परेशान किया जाता है तो इस बटन को दबाने के बाद तुरंत एक्शन लिया जाता है।

सुरक्षित व सुखद परिवहन की व्यवस्था –

इस योजना के लागू होने का सबसे बड़ा उद्देश्य यह था कि सुरक्षित और सुखद परिवहन की व्यवस्था की जाए यानि यात्रा के दौरान परिवहन के वाहनों में किसी भी प्रकार की समस्या हो तो उसे तुरंत ठीक किया जाए और अगर सुरक्षा से लेकर भी कोई प्रॉब्लम होती है तो उसे भी तुरंत दूर किया जाए। 2018 में जब इस योजना का शुभारंभ हुआ तो केवल 20 शहरों में बसों का इस्तेमाल किया गया और धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई और फिर इस योजना के लिए एक क्रांति आ गई ताकि अब आगे चलकर सुरक्षित और सुखद परिवहन की व्यवस्था हो जाए ।

Leave a Comment