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कक्षा 11 कृषि विज्ञान एवं गणित का पेपर 2 घंटे पहले सोशल मीडिया पर हुआ लीक

जब कोई पेपर वायरल हो जाता है तो उन विद्यार्थियों को बहुत बड़ी समस्या पैदा हो जाती है जिन्होंने बहुत अच्छे से पढ़ाई करी है लेकिन उन विद्यार्थियों को बहुत ही लाभ होता है जिन्होंने सच में बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं करी है क्योंकि पेपर मिलने की दौरान वह उतना समझ लेते हैं जितने में उनका परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाना है। पेपर वायरल होने का सबसे बड़ा कारण क्या है और पेपर के वायरल होने से विद्यार्थियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा जानते हैं आज कैसे आर्टिकल में । अधिकतर पेपर वायरल परीक्षा के 1 घंटे या 2 घंटे के पहले ही क्यों होता है दो दिन या चार दिन पहले क्यों नहीं होता ।

टेलीग्राम पर उपलब्ध कराए जा रहे पेपर –

विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा भरोसा टेलीग्राम पर रहता है और वहीं पर कई विद्यार्थी मिलजुलकर ग्रुप बना लेते हैं और ग्रुप बनने के बाद इस ग्रुप में कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं जो कुछ पेमेंट दे सकते हैं और पेमेंट के बदले पर्सनल व्हाट्सएप पर पेपर प्राप्त कर सकते हैं । टेलीग्राम एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो पिछले 3 सालों से वायरल पेपर होने की पुष्टि करता है मगर हमारी वेबसाइट पेपर के वायरल होने की कोई करती।

छात्र दे रहे हर पेपर के 2–2 हजार रुपए –

कई विद्यार्थी तो ₹2000 तक देने को तैयार हो जाते हैं और कहीं विद्यार्थी 2000 रुपए से पर्सनल टेलीग्राम के माध्यम से या फिर व्हाट्सएप के माध्यम से पेपर प्राप्त कर लेते हैं लेकिन उनको खुद यह पता नहीं होता है कि इस तरह से ओरिजिनल पेपर आ सकता है। विद्यार्थी इतने समझदार तो नहीं होते की बोर्ड एग्जाम के पेपर में और वायरल पेपर में तुलना करके यह समझ सके कि यह ओरिजिनल है।

दूसरी और जो पेपर वायरल होता है उसकी तुलना करना बहुत ही मुश्किल होता है क्योंकि विद्यार्थी सबसे ज्यादा फोकस प्रश्न पर करता है और प्रश्न उसको ठीक वैसे ही मिलते हैं जैसे ओरिजिनल पेपर में दिखाई देते हैं। जो विद्यार्थी पढ़ाई नहीं करते उनके लिए ₹2000 बहुत नहीं होते वह कहीं ना कहीं से मैनेज करके पेपर प्राप्त कर लेते हैं। इसीलिए विद्यार्थी इस तरह के झांसे में बिल्कुल भी नहीं आवें और मेहनत से पढ़ाई करें, वायरल पेपर की आशा में अपना भविष्य बिल्कुल भी खराब न करें।

पेपर के वायरल होने की पुष्टि हम नहीं करते –

पेपर वायरल होने की खबरें सोशल मीडिया पर तो फैल जाती हैं लेकिन मैन स्ट्रीम मीडिया तक नहीं पहुंचती क्योंकि मैन स्ट्रीम मीडिया में इस तरह की खबरें तभी पहुंचती है जब कोई खबर पक्की हो और यह खबर इतनी पक्की नहीं हो पाती जितनी होना चाहिए। सोशल मीडिया पर तो पेपर वायरल हो जाते हैं लेकिन पेपर के वायरल होने की पुष्टि हमारी वेबसाइट नहीं करती।

विद्यार्थियों को नहीं करना चाहिए वायरल पेपर पर भरोसा?

जो विद्यार्थी एमपी बोर्ड की परीक्षा की तैयारी करते हैं उनको इस तरह के पेपर पर कोई भरोसा नहीं करना चाहिए उनको अपनी तैयारी स्वयं से करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए सबसे जरूरी है कि वह है पैटर्न के अनुसार और ब्लूप्रिंट के अनुसार किसी पेपर की तैयारी करें और बेहतर तरीके से परीक्षा में परफॉर्मेंस करें। इस तरह के पेपर पर विद्यार्थी यदि भरोसा करते हैं तो उनका बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।

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