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कक्षा 11 पेपर पशुपालन 14 March 2024 एमपी बोर्ड वार्षिक परीक्षा

कक्षा 11 पेपर विषय पशुपालन 2024

नमस्कार दोस्तों !

आज की पोस्ट में हम बात करने वाले हैं कक्षा 11वीं पशुपालन विषय से संबंधित । जिसमें आज बताया जाएगा कि पशुपालन विषय की तैयारी कैसे कर सकते हैं ?दोस्तों पशुपालन बहुत ही सरल विषय है परंतु इसे सीखने का सही तरीका मालूम होना चाहिए । यदि विद्यार्थी को इसे पढ़ने का और सीखने का सही तरीका मालूम नहीं होगा तो विद्यार्थी अपना समय बर्बाद कर सकता है । पशुपालन विषय में हम पशुओं से संबंधित समस्त चीजों का अध्ययन करते हैं, जैसे पशु पालन कैसे करना है? पशुओं की बीमारी के क्या इलाज हो सकते हैं? अर्थात पशुपालन से संबंधित जितनी भी चीजें आती हैं सभी के बारे में अध्ययन करते हैं । दोस्तों त्रैमासिक परीक्षा के लिए विद्यार्थी कैसे इसे कम से कम समय में तैयार कर सकता है कौन से प्रश्न है जो परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं सभी के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे ।

☯ पढ़ने की आदत बदलें

दोस्तों पढ़ाई की एक बेहतर आदत विद्यार्थी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है यदि आप की पढ़ने की आदत नहीं होगी तो आप परीक्षा की बेहतर तैयारी नहीं कर सकते। दोस्तों आदत कोई भी हो यदि उसका उद्देश्य सही है तो वह निश्चित रूप से हमें सफल बनाती है और उस आदत का परिणाम गलत निकलता है तो वह हमारे जीवन को बर्बाद कर देती है।

दोस्तों उदाहरण के लिए यदि हमें किसी नशा की आदत हो जाती है तो हम उसे छोड़ नहीं पाते बहुत ही मुश्किल हो जाता है परंतु हम उसके आदी हो जाते हैं । हमें पता होता है कि नशा करने से हमारी जिंदगी बर्बाद हो रही है लेकिन फिर भी हमें आदत इस तरीके की लग जाती है कि हम उसे छोड़ ही नहीं पाते ।

दोस्तों पढ़ाई के लिए ही विद्यार्थी के लिए बहुत जरूरी है कि गलत आदत ना होकर पढ़ाई की आदत होना चाहिए । यदि विद्यार्थी को एक बार पढ़ाई की आदत लग जाती है तो वह निश्चित रूप से जीवन में सफल हो जाएगा । दोस्तों कुछ दिन की बात होती है पढ़ते रहने से जैसे ही पढ़ने की आदत हो जाएगी तो फिर कोई दिक्कत नहीं जाती विद्यार्थी के कहीं ना कहीं उद्देश्य में यही बन जाता है कि उसे प्रतिदिन पढ़ना है ।

दोस्तों पढ़ाई की आदत एकदम से नहीं लगती इसके लिए धीरे-धीरे प्रयास करना होता है लगातार पढ़ते रहने से और छोटे-छोटे उद्देश्य के अनुसार अर्थात छोटी-छोटी चीजें सीखते रहे तो बाद में हम बड़ी –बड़ी चीजों को भी सीख सकते हैं ।

पढ़ाई की आदत डालने के कुछ तरीके

☛शुरुआत में आप ज्यादा देर तक नहीं पढ़ा सकते इसीलिए कम कम पढ़ने की कोशिश करिए ।

☛धीरे-धीरे जब आप कम कम पढ़ने लगेंगे तो आपका आगे जाकर हल्का-हल्का मन लगने लगेगा ।

☛जब आप छोटी-छोटी चीजों को सीखने लगे इसके बाद आप कोशिश करिए की बड़ी-बड़ी चीजें भी सीख पाए ।

☛शुरुआत में आप 1 घंटे से लेकर डेढ़ घंटे पढ़ने का प्रयास करिएगा ।

☛जब 1 घंटे से ज्यादा आप पढ़ सके तो आप धीरे-धीरे प्रयास करिएगा कि कम से कम आप 2 घंटे अथवा 3 घंटे तक पढ़ सकें ।

☛जब आप 3 घंटे तक पढ़ सकते हैं तो इसके बाद कोशिश करिएगा कि आप 4 से 5 घंटे तक पढ़ सकें और उसी में समय-समय पर पढ़ने के बाद विराम लेते जाएं ।

☛ऐसा करने से आप परीक्षा की ऐसी तैयारी कर पाएंगे कि आज तक कोई भी विद्यार्थी नहीं कर पाया होगा तब करने वाले विद्यार्थी ज्यादातर ऐसा ही करते हैं।

☯ पढ़ाई करते समय ध्यान दें

दोस्तों जब भी आप पढ़ने के लिए बैठक तो आपको इस बात का जरूर ख्याल रखना चाहिए कि आपको खाली हाथ नहीं बैठना है । यहां पर खाली हाथ से तात्पर्य यह है कि आपको पेन और कॉपी के साथ ही बैठना है आप ऑफलाइन पुस्तक पढ़े या फिर ऑनलाइन कंप्यूटर अथवा लैपटॉप से पढ़ें लेकिन फिर भी आपको कॉपी और पेन के साथ ही बैठना है । ऐसा करने से ज्यादा चांस होते हैं कि आप बेहतर पढ़ाई कर पाएंगे ।

दोस्तों पढ़ाई करते समय कुछ निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए जिस का महत्व हमारे जीवन में भी होता है —

☛दोस्तों पढ़ाई करते समय आपको कोई भी छोटी मोटी चीज नहीं खाना है हालांकि चाय अथवा पानी पी सकते हैं । परंतु पढ़ाई करते समय आपको नाश्ता अथवा खाना नहीं खाना है ।

☛पूरे कंसंट्रेट के साथ ही पढ़ाई करने की कोशिश करें ऐसा करने से आप जो भी पढ़ेंगे वह निश्चित रूप से याद कर पाएंगे ।

☛दोस्तों एक साथ लंबे समय तक बैठने की कोशिश करें ऐसा करने से आप किसी भी चीज को सीख पाएंगे । कम कम पढ़ने के बाद कोई भी चीज हम कंठस्थ तरीके से याद नहीं रख पाते ।

☛एकांत में रहकर पढ़ने की कोशिश करें इसकी जरूरत इसीलिए होती है क्योंकि वहां पर आपको डिस्टर्ब होने का कोई खतरा नहीं रहता आप पूरा कंसंट्रेट कर सकते हैं।

☛धीरे बोल कर पढ़ें क्योंकि अगर यदि आप तेज बोलकर पड़ेंगे तो 1 घंटे से ज्यादा नहीं पढ़ पाएंगे क्योंकि पढ़ाई में भी एनर्जी खर्च होती है और जिसकी एक निश्चित सीमा होती है ।

☛हमेशा पौष्टिक चीजें खाते रहें ताकि आपका ब्रेन अच्छे से काम करें और पढ़ने में मदद मिल सके ।

☛नींद भी भरपूर लें क्योंकि यदि नींद कम होगी तो आपको कोई भी चीज याद नहीं होगी और आपका पढ़ाई में भी मन नहीं लगेगा ।

☯11वीं क्लास को इंपोर्टेंट समझें

दोस्तों कई विद्यार्थी 11वीं क्लास को बहुत ही हल्के में ले लेते हैं वह सोचने लगते हैं कि यह तो 11वीं क्लास है इसमें आसानी से पास हो जाएंगे । दोस्तों ऐसी सोच रखने वाले विद्यार्थी अपने जीवन में बहुत बड़ी गलती करते हैं क्योंकि ग्यारहवीं क्लास का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है ।

दोस्तों 11वीं क्लास में हम जितना अच्छे से पढ़ लेते हैं 12वीं क्लास में उतने अच्छे से हमें परीक्षा की दृष्टि से मदद मिल जाती है । क्योंकि यदि 11वीं क्लास के दौरान हमने अच्छी पढ़ाई करी होगी तो 12वीं क्लास में हमें कोई दिक्कत जाने वाली नहीं है । यदि कोई विद्यार्थी 11वीं क्लास में पढ़ाई नहीं करता है तो 12वीं क्लास में वह 95% से अधिक अंक कभी भी हासिल नहीं कर सकता ।

11वीं क्लास के विद्यार्थियों को केवल पास होने के लिए नहीं पढ़ना चाहिए उनको बहुत ही महत्वपूर्ण क्लास मानकर तैयारी करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा गहराई से पढ़ना चाहिए । इंपॉर्टेंट के चक्कर में विद्यार्थी बहुत सी चीजें ऐसी छोड़ देता है जो उसके जीवन से रिलेटेड होती हैं और फिर उनका ज्ञान भी हासिल नहीं कर पाता ।

☯ कॉन्पिटिटिव एग्जाम के लिए फायदा

दोस्तों यदि कोई विद्यार्थी पशुपालन को बहुत अच्छे तरीके से पढ़ लेता है तो उसमें कुछ प्रश्न ऐसे होते हैं जो कॉन्पिटिटिव एग्जाम में पूछे जाते हैं ।
कॉन्पिटिटिव एग्जाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है पशुओं के वैज्ञानिक नाम और उनके होने वाले रोग ।

पशुओं के रोगों का उपचार कैसे किया जाता है उनकी दवाई का क्या नाम है इस प्रकार के प्रश्न कॉन्पिटिटिव एग्जाम में पूछे जाते हैं । यदि ग्यारहवीं के विद्यार्थी पशुपालन को बहुत ही बेसिक तरीके से पढ़ते हैं तो उनके लिए सबसे अच्छा है कि वे आगे भविष्य में जाकर किस प्रकार के प्रश्न हल कर सकते हैं । पशुओं की नस्लें कॉन्पिटिटिव एग्जाम का बहुत ही स्पेशल प्रश्न होता है इस प्रश्न को कई बार कई परीक्षाओं में पूछा जाता है हालांकि प्रश्न कहीं से भी हो सकता है परंतु पूछा जरूर जाता है जो पशु पालन से रिलेटेड ही होता है ।

☯ सिलेबस से ज्यादा पढ़ें

दोस्तों 11वीं के विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है कि वे उतना पढ़ना चाहिए जितना सिलेबस में भी नहीं दिया जाता । दोस्तों ग्यारहवीं के विद्यार्थी लगभग लगभग यह सोचते हैं कि जितना सिलेबस में है हम उतना पढ़ लेंगे तो पास हो जाएंगे ।

दोस्तों विद्यार्थी पास तो हो जाते हैं लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि वे बड़ी क्लास अथवा कॉम्पिटेटिव एक्जाम के लिए कठोर तैयारी नहीं कर पाते । यदि 11वीं के छात्रों का जितना सिलेबस होता है उससे ज्यादा पड़ेंगे तो निश्चित रूप से वे 11वीं वार्षिक परीक्षा में 95% से अधिक अंक हासिल करेंगे ।

☯ डिटेल से पढ़ें

दोस्तों कई बार विद्यार्थी शार्ट में पढ़कर पास हो जाते हैं जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए । 11वीं के विद्यार्थियों पर ज्यादा प्रेशर नहीं होता है क्योंकि उनकी बोर्ड परीक्षा नहीं होती इसीलिए इस परीक्षा को ज्यादा वे सीरियस नहीं लेते ।

दोस्तों विद्यार्थियों को अगर भविष्य में ग्यारहवीं के बाद बड़ी परीक्षाओं का सामना करना है तो उनको डिटेल से पढ़ने की जरूरत है । यदि 11वीं के छात्र 11वीं कक्षा को डिटेल से पढ़ लेते हैं तो भविष्य में आने वाली कॉन्पिटिटिव एग्जाम में उनको बहुत फायदा मिलने वाला है।

☯ कांसेप्ट से पढ़ें

दोस्तों कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को पशु पालन विषय की तैयारी हमेशा कांसेप्ट से करना चाहिए क्योंकि इसमें आप डिटेल से नहीं पड़ेंगे तो बहुत से प्रश्न गलत कर सकते हैं ।

यदि आप प्रत्येक प्रश्न का कांसेप्ट पकड़ कर रखेंगे तो वह प्रश्न आपको लंबे समय तक याद रहेगा । दोस्तों कांसेप्ट से पढ़ने वाला विद्यार्थी का जीवन में कभी आत्मविश्वास कम नहीं होता ।

☯ ज्यादा से ज्यादा किताबें ना पढ़ें

दोस्तों की बार विद्यार्थी अपनी मुख्य पुस्तक को छोड़कर मार्केट की पुस्तकों को पढ़ने लगते हैं यही गलती विद्यार्थी की उसे कमजोर बना देती है । दोस्तों क्या होता है हम एक से अधिक पुस्तकें पढ़ते हैं तो हमारा कांसेप्ट क्लियर नहीं हो पाता क्योंकि अलग-अलग पुस्तकों में अलग-अलग कांसेप्ट दिए जाते हैं ।

दोस्तों 10 किताबें पढ़ने से बेहतर होता है कि एक ही किताब को 10 बार पढ़ लिया जाए । ऐसा करने से विद्यार्थी परीक्षा की बेहतर तैयारी तो कर ही सकता है साथ ही लंबे समय तक याद रख सकता है ।

☯ प्रॉपर तरीके से नोट्स बनाएं

दोस्तों पशुपालन में नोट्स बनाने का एक निश्चित तरीका होना चाहिए क्योंकि इसमें दुग्ध सामग्री वाले प्रश्न सभी प्रश्नों से भिन्न होते हैं। दुग्ध सामग्री वाले प्रश्न संक्षेप में होते हैं उनमें हमें दूध, रबड़ी, खोवा आदि के संगठन के बारे में लिखना होता है ।

दोस्तों इस प्रकार के प्रश्न आंकिक प्रश्न होते हैं जिनमें भाषा कम होती है परंतु टेबल के माध्यम से इनको सीखना होता है । दोस्तों इस प्रकार के प्रश्न बहुत ही आसानी से सीख सकते हैं । दोस्तों नोट्स बनाने के बाद उनको केवल रख नहीं देना है बार-बार उनका रिवीजन भी करना बहुत जरूरी होता है ।

☯ बार-बार अभ्यास करें

दोस्तों पशुपालन बहुत ही सरल होती है और बहुत ही जल्दी याद हो जाती है क्योंकि पशुपालन की भाषा एकदम सरल और सटीक होती है । दोस्तों यह निश्चित है कि जिस भी पुस्तक की भाषा सरल होगी उसको सीखने में बहुत आसानी होगी । दोस्तों कई बार विद्यार्थी बहुत बड़ी गलती कर देते हैं इस पुस्तक को सरल मानकर क्योंकि आसानी से याद तो हो जाती है और यह बार याद होने के बाद विद्यार्थी इसे छोड़ देते हैं । काफी समय तक ना पढ़ने के बाद परिणाम यह निकलता है कि विद्यार्थियों को बहुत सी चीजें भूल जाती हैं ।

विद्यार्थियों के लिए बहुत जरूरी है कि वह इस पुस्तक को सीखने के बाद समय-समय पर इसका अभ्यास करते रहें । अभ्यास करते रहने से हमारे दिमाग में चीजें चलती रहती हैं और हमें हमेशा याद बनी रहती हैं ।

☯ बीपीएनएल में सहायता

दोस्तों बीपीएनएल एक कॉन्पिटिटिव एग्जाम होती है जिसमें पशुपालन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि कोई विद्यार्थी पशुपालन की अच्छी तैयारी कर लेता है तो भविष्य में उसे बीपीएनएल में सहायता मिल जाती है । बीपीएनएल में सामान्य विज्ञान के कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं और साथ ही कुछ प्रश्न कंप्यूटर के पूछे जाते हैं इसके बाद अधिक से अधिक प्रश्न पशुपालन के पूछे जाते हैं । यदि विद्यार्थी पशुपालन को अच्छी तरीके से पढ़ लेता है तो वह इस परीक्षा को आसानी से पास कर सकता है ।

☯ मुर्गी पालन के विषय को कैसे सीखें

दोस्तों मुर्गी पालन एक काफी बड़ा अध्याय है जिसे सीखने के लिए विद्यार्थियों को काफी समय लग जाता है । मुर्गी पालन में दिए गए मुर्गियों के रोग और उनके उपचार परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं । मुर्गियों के रोग और उपचार की जो भाषा है वह थोड़ा डिफिकल्ट होती है जिस कारण से विद्यार्थियों को बहुत आवश्यक है कि वह इस पर बार-बार अभ्यास करें तो इसे अच्छे से सीख सकते हैं।

☯ पशु पालन को कितने समय तक पढ़ना चाहिए

दोस्तों कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं जो बहुत कम समय में पशुपालन को सीख सकते हैं परंतु कुछ विद्यार्थी पढ़ाई में तो तेज होते हैं परंतु उनको जल्दी कोई चीज याद नहीं होती । विद्यार्थियों को पशुपालन पढ़ने के लिए लगभग 1 घंटे का समय देना चाहिए परंतु यह समय प्रतिदिन होना चाहिए । यदि कोई विद्यार्थी प्रतिदिन 1 घंटे केवल पशुपालन विषय को पढ़ता है तो वह पशुपालन में 95% से अधिक अंक हासिल कर सकता है ।

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