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जिला बदर आरोपी का क्या अर्थ होता है? Sarkartak.in

जिला बदर आरोपी को एक निश्चित समय सीमा से जिले के बाहर कर दिया जाता है। ऐसे अपराधी जो आए दिन आपराधिक घटनाएं करते हैं और उनके विरुद्ध लोग रिपोर्ट करने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। अधिकतर उन आरोपियों को जिला बदर किया जाता है जिन पर 10 से अधिक मुकदमे दर्ज होते हैं।

जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी द्वारा ऐसे आदतन अपराधियों को जिले से एक निश्चित समय सीमा के लिए बाहर कर दिया जाता है यह‌ प्रक्रिया जिलावदर कहलाता है।

चुनाव के समय जिलाबदर प्रक्रिया अधिक सक्रिय

जिला बदर अपराधियों को जिले से बाहर करने की प्रक्रिया अधिकतर चुनाव के समय की जाती है क्योंकि चुनाव के समय आदर्श आचार संहिता लागू रहती है, ऐसे में उन अपराधियों के किसी अपराध करने की संभावना अधिक रहती है।

जिलाबदर करने का कारण

जेल जाना, जमानत पर जेल से बाहर आना आदि इन अपराधियों का काम ही रहता है इसीलिए उन अपराधियों को जिले की सीमा से बाहर कर दिया जाता है। जिलाबदर प्रक्रिया लगभग 1 वर्ष के लिए ही की जाती है।

जिलाबदर एक कानून

सरकार द्वारा बनाया गया एक प्रकार से कानून हैं जिसके द्वारा आदतन अपराधियों को जिले की सीमा से बाहर कर दिया जाता है ताकि जिले में वह अपराधी कोई आपराधिक षड्यंत्र न कर सके। जिला बाजार आरोपी यदि निश्चित तय सीमा से पहले जिले के अंदर आया तो पुलिस उसे पकड़ लेती है और उसे पुनः जेल के अंदर डाल दिया जाएगा इसीलिए जिला बदर आरोपी जिले के अंदर नहीं आ सकता, यदि जिले के अंदर आए तो उसको पुलिस पड़कर तुरंत जेल भेज देगी।

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