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आहार अनुदान योजना में महिलाएं पा रही 1000 रुपए प्रतिमाह : ऐसे करें आवेदन (आखिरी मौका)

आहार अनुदान योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश में जो भी बैगा जनजाति के समुदाय के लोग हैं उन सभी की महिलाओं के खाते में ₹1000 प्रति महीना दिए जाते हैं । इस योजना का पहला उद्देश्य यह है कि जनजाति समुदाय के लोगों में पाया जाने वाला कुपोषण पूरी तरीके से खत्म कर दिया जाए इसके लिए सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

हमारे देश में कई परिवार ऐसे हैं जो बहुत ही कमजोर हैं उनके पास आर्थिक स्थिति के ठीक होने का कोई समय ही नहीं आता कहने का मतलब यह है कि पिछड़े वर्ग के लोग यानी जो आर्थिक रूप से और शारीरिक रूप से कमजोर हैं उनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग आते हैं। जिनके लिए सरकार ने इस तरह की योजना चलाई है इसके बारे में हम आज के आर्टिकल में बात करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने शुरू की थी यह योजना–

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा इस योजना को शुरू किया गया था और इसकी शुरुआत 21 अगस्त 2020 को हो चुकी थी। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा केवल यह योजना ही नहीं बल्कि इसके अलावा भी कई सारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है और उसे आगे भी बढ़ाया गया है।

मध्य प्रदेश में अब अगर मुख्यमंत्री की बात करें तो शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री नहीं है लेकिन उनकी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता जो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से काफी समय से जुड़े हुए थे और उनकी राजनीति की शुरुआत भी यही से हुई थी जिनका नाम डॉक्टर मोहन यादव है । मोहन यादव जी के घर एमपी की जनता को यह आश्वासन दिया गया है कि इस योजना के माध्यम से सभी को ₹1000 प्रति महीना प्रदान किया जाएगा ।

योजना का विभाग –

इस योजना की सारी जिम्मेदारी जनजाति कार्य विभाग को सौंप गई है और इसी के द्वारा इसकी देखरेख की जाती है । इस विभाग के सभी सदस्य इस योजना को आगे बढ़ते हैं और कार्य करते हैं लाभार्थी उम्मीदवारों को समय से इस योजना का पैसा उनके अकाउंट में प्रदान करते हैं।

अनुदान योजना का उद्देश्य –

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना को चलाए जाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि पिछड़ी जनजाति यानी अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आने वाले जितने परिवार हैं ज्यादार गरीब और पिछड़े वर्ग के हैं । इस योजना के माध्यम से कुपोषण जैसी समस्या को दूर किया जाएगा इसीलिए उनका आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान किया जाएगा जिससे वह कुपोषण से मुक्ति पा सकें और एक सशक्त मध्य प्रदेश बन सके।

किन को नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ–

इस योजना का सबसे पहले उम्मीदवार एमपी की छात्राओं को बनाया गया है जो अनुसूचित जनजाति के वर्ग से आती हैं । इस योजना में सबसे पहली प्राथमिकता यह रखी गई है कि लाभ उन्हीं उम्मीदवारों को मिलेगा जो मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं इसके अलावा किसी को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा ।

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